यार ने मुझको मुझे यार ने सोने ना दिया
यार ने मुझको मुझे यार ने सोने ना दिया
रात भर ताल-ए-बेदार ने सोने ना दिया
(ताल-ए-बेदार : like a thorn)
एक शब बुलबुल-ए-बेताब के जागे ना नसीब
पहलू-ए-गुल में कभी ख़ार ने सोने ना दिया
(शब : night; बुलबुल-ए-बेताब : restless nigtingale; पहलू-ए-गुल : in the company of flowers; ख़ार : thorns)
रात भर की दिल-ए-बेताब ने बातें मुझसे
मुझको इस इश्क के बीमार ने सोने ना दिया
(दिल-ए-बेताब : restless heart)
हैदर अली आतिश