सदमा तो है मुझे भी के तुझसे जुदा हूँ मैं

सदमा तो है मुझे भी के तुझसे जुदा हूँ मैं
लेकिन ये सोचता हूँ के अब तेरा क्या हूँ मैं

(सदमा : shock; जुदा : separated)

बिखरा पड़ा है तेरे घर में तेरा वजूद
बेकार महफिलों में तुझे ढूँडता हूँ मैं

(वजूद : existence)

ना जाने किस अदा से लिया तूने मेरा नाम
दुनिया समझ रही है के सब कुछ तेरा हूँ मैं

(अदा : style)

ले मेरे तजुर्बों से सबक़ ऐ मेरे रक़ीब
दो-चार साल उम्र में तुझसे बड़ा हूँ मैं

(तजुर्बों से : from experiences; सबक़ : lesson; रक़ीब : rival in love)

क़तील शिफ़ाई

2 Responses to “सदमा तो है मुझे भी के तुझसे जुदा हूँ मैं”

  1. Aditya Says:

    what is the whole meaning of the second stanza???
    ना जाने किस अदा से लिया तूने मेरा नाम
    दुनिया समझ रही है के सब कुछ तेरा हूँ मैं

  2. ALOK DUTTA Says:

    ON WORD TO COMMENT THIS kohinoor “BEHATERIN”.

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