परेशाँ रात सारी है, सितारों तुम तो सो जाओ

परेशाँ रात सारी है, सितारों तुम तो सो जाओ
सुकूते मर्ग तारी है, सितारों तुम तो सो जाओ

(परेशाँ : disordered, troubled; सुकूते मर्ग : silence before death; तारी : prevalent)

हमें तो आज की शब पौ फटे तक जागना होगा
यही किस्मत हमारी है, सितारों तुम तो सो जाओ

(शब : night; पौ फटे : till dawn)

हमें भी नींद आ जाएगी, हम भी सो जाऐंगे
अभी कुछ बेक़रारी है, सितारों तुम तो सो जाओ

(बेक़रारी : restlessness)

क़तील शिफ़ाई

One Response to “परेशाँ रात सारी है, सितारों तुम तो सो जाओ”

  1. robin Says:

    marwalous joining wrds feeling fall like they made to say one thing thts the love is no where near!!!!
    gr8 !!!!!!!!!!!!!

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