मिल कर जुदा हुए तो ना सोया करेंगे हम
मिल कर जुदा हुए तो ना सोया करेंगे हम
एक दूसरे की याद में रोया करेंगे हम
आँसू छलक छलक के सताएँगे रात भर
मोती पलक पलक में पिरोया करेंगे हम
(पलक : eyelids)
जब दूरियों की आग दिलों को जगाएगी
जिस्मों को चाँन्दनी में भिगोया करेंगे हम
गर दे गया दग़ा हमें तूफान भी ‘क़तील’
साहिल पे कश्तियों को डुबोया करेंगे हम
(गर : if; दग़ा : fraud; साहिल : sea-shore; कश्ती : boat)
क़तील शिफ़ाई
October 23rd, 2006 at 4:23 am
i like very much this great gazal.
May 17th, 2007 at 6:26 am
hi dear send nice gazal