मिल कर जुदा हुए तो ना सोया करेंगे हम

मिल कर जुदा हुए तो ना सोया करेंगे हम
एक दूसरे की याद में रोया करेंगे हम

आँसू छलक छलक के सताएँगे रात भर
मोती पलक पलक में पिरोया करेंगे हम

(पलक : eyelids)

जब दूरियों की आग दिलों को जगाएगी
जिस्मों को चाँन्दनी में भिगोया करेंगे हम

गर दे गया दग़ा हमें तूफान भी ‘क़तील’
साहिल पे कश्तियों को डुबोया करेंगे हम

(गर : if; दग़ा : fraud; साहिल : sea-shore; कश्ती : boat)

क़तील शिफ़ाई

2 Responses to “मिल कर जुदा हुए तो ना सोया करेंगे हम”

  1. arvind rastogi Says:

    i like very much this great gazal.

  2. gazal Says:

    hi dear send nice gazal

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