कोई पास आया सवेरे सवेरे
Tuesday, August 29th, 2006कोई पास आया सवेरे सवेरे
मुझे आज़माया सवेरे सवेरे
(आज़माया : tested)
मेरी दास्तां को ज़रा सा बदल कर
मुझे ही सुनाया सवेरे सवेरे
(दास्तां : story)
जो कहता था कल संभलना संभलना
वही लड़खड़ाया सवेरे सवेरे
कटी रात सारी मेरी मयकदे में
ख़ुदा याद आया सवेरे सवेरे
(मयकदे में : in winehouse, tavern)
सईद राही
साभार : मेरा पन्ना