पहले तो अपने दिल की रज़ा जान जाइये
Sunday, August 6th, 2006पहले तो अपने दिल की रज़ा जान जाइये
फिर जो निगाहे यार कहे मान जाइये
(रज़ा : approval; निगाहे यार : eyes of the beloved)
पहले मिज़ाजे राहगुज़र जान जाइये
फिर गर्दे राह जो भी कहे मान जाइये
(मिज़ाजे राहगुज़र : nature of the pathway; गर्दे राह : dust of the path)
कुछ कह रही है आपके सीने की ढड़कनें
मेरी सुनें तो दिल का कहा मान जाइये
एक धूप सी जमी है आँखों के आस-पास
ये आप हैं तो आप पे क़ुर्बान जाइये
शायद हुज़ूर से कोई निसबत हमें भी हो
आँखों में झाँक कर हमें पहचान जाइये
(निसबत : relation, affinity)
क़तील शिफ़ाई