Archive for the ‘Haider Ali Aatish’ Category

यार ने मुझको मुझे यार ने सोने ना दिया

Sunday, August 27th, 2006

यार ने मुझको मुझे यार ने सोने ना दिया
रात भर ताल-ए-बेदार ने सोने ना दिया

(ताल-ए-बेदार : like a thorn)

एक शब बुलबुल-ए-बेताब के जागे ना नसीब
पहलू-ए-गुल में कभी ख़ार ने सोने ना दिया

(शब : night; बुलबुल-ए-बेताब : restless nigtingale; पहलू-ए-गुल : in the company of flowers; ख़ार : thorns)

रात भर की दिल-ए-बेताब ने बातें मुझसे
मुझको इस इश्क के बीमार ने सोने ना दिया

(दिल-ए-बेताब : restless heart)

हैदर अली आतिश