बात निकलेगी तो फिर दूर तलक जाएगी

बात निकलेगी तो फिर दूर तलक जाएगी
लोग बेवजह उदासी का सबब पूछेंगे
ये भी पूछेंगे कि तुम इतनी परेशां क्यूं हो
उँगलियाँ उठेंगी सूखे हुए बालों की तरफ
इक नज़र देखेंगे गुज़रे हुए सालों की तरफ
चूड़ियों पर भी कई तन्ज़ किये जायेंगे
कांपते हाथों पे भी फ़िक़रे कसे जायेंगे
लोग ज़ालिम हैं हर इक बात का ताना देंगे
बातों बातों मे मेरा ज़िक्र भी ले आयेंगे
उनकी बातों का ज़रा सा भी असर मत लेना
वर्ना चेहरे के तासुर से समझ जायेंगे
चाहे कुछ भी हो सवालात न करना उनसे
मेरे बारे में कोई बात न करना उनसे
बात निकलेगी तो फिर दूर तलक जाएगी

(बेवजह : without reason; परेशां : worried; तन्ज़ : taunts; फ़िक़रे : comments; ज़ालिम : cruel; ज़िक्र : talk; असर : effect; तासुर : feelings; सवालात : questions)

कफ़ील आज़र

साभार : मेरा पन्ना

2 Responses to “बात निकलेगी तो फिर दूर तलक जाएगी”

  1. jay Says:

    hey man its really really wonderfull work…i was searching for similar kind of stuff for jagjit guzul and here u ppl r giving it to all the fans…..

    its really wonderfull stuff..

    keep it up…

    cheers..
    jay

  2. Narsimhan Sridhar Says:

    Brilliant. Just what I was looking for. Now if I could only find the MP3’s.
    I am particularly looking for ” Koi Paas Aaya Savere Savere” and “Duniya Duniya Jise Kehethe Hai Jaadoo ka Khilona Hai”.

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